Thursday, July 13, 2023

कविता सायरी

ज़िंदगी की चाहत में जलता हूँ,
खुद को गुलामी से आज़ाद करता हूँ।
ख्वाबों को हकीकत में बदलता हूँ,
मई हर रोज़ नई कविता लिखता हूँ।

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